रहस्य
रहस्य है हमारा देश सर्वधर्म , सदभावना की नाव का। रखता है दिल में उमंग मानवता की रहस्य का। !! १ !! रखी है हमने नींव , रीती और रिवाज की। लाखों वर्षों की संस्कृति को बरकरार रखने चाहत की। !! २ !! रही सबकी महत्वकांक्षा , चमन में हो फूलों की बौछार। मिल जाए इसकी खुशबु , संपूर्ण विश्व सदाबहार। !! ३ !! मांग रहा हूँ मैं यह दुआ , राम , रहीम , ईसा की दुलरों से। अगर न रहा मैं इसकी काबिल , तो उठा ले मुझे इस दुनया से। !! ४ !! ...