Posts

Showing posts from August, 2023

आजादी

Image
 *🇮🇳🇮🇳 आजादी  🇮🇳🇮🇳* था वह दिन १५ अगस्त भारत  मां की स्वतंत्रता का।।  मै भी था अति हर्षित निहारने मेला आजादी का।।  सोचा इस अवसर पर भारत मां  आनंदिमय होगी।।  हर्ष उल्हास के रंग-संग भारत मां निर्भय रहेगी।।  देखते ही देखते मेरी नेत्र शीतल बयार की चपेट में आ गई।।  मेरी हर्ष उल्हास की तरंगे निद्रा काल में खो गई।।  किया निर्णय भारत मां की खुशियों का सपनों में खूब मजा चख लूँ।।  आजादी का हर्ष-उल्हास देख-देख सुखदाम -वरदाम आशीष पा लूँ।।  इतने में मेरे कानों में पिडासे तड़पती कर्राहट सुन पड़ी।।  वेदनाओसे लथ पथ धरती मां सिसक - सिसक कर रो पड़ी।।  कहने लगी भारत मां अपनी व्यथा  कौन ईसे समझेगा।।  चल रहा पग-पग अत्याचार कौन मुझे इससे बचाएगा।।  धरी रह गई मैं धमाको के गूंज से लहू - लुहान हो गया दामन।।  भटक रही आत्माये निरअपराधो की ढूंढ रही हैं स्वंय का तन।।  जन्में है भारत में पापी ऐसे विरोंका कफन भी बेच खाया।।  अपने विरोंकी मर्दानगी कारण तु निडरता से सांस ले पाया।।  भ्रष्टाचार तो ऐसा है फैला...

"एक कटु सत्य "

Image
                  "एक कटु सत्य"        संसार रचियता ने इस सुंदर सृष्टि की रचना में हम सब प्राणिमात्र की भिन्न-भिन्न वर्गों में उत्पत्ति की है, हर एक प्राणी जीव की अलग-अलग वांशिक श्रृंखला के अनुसार उनकी जीवन शैली तथा रहन-सहन का कार्य बना दिया है। हर एक के निवाले की निर्भरता भी एक दूसरे से अलग वर्ग में विभाजित कर सबको क दूसरे पर निर्भर बना रखा है,हर एक जीव में अपनी वांशिक प्रणाली का ध्यान रखने तथा आचार विचार करने की क्षमता भी प्रदान की है। पंछी तथा अनेको जीव अंडो की उत्पत्ति रचने के उपरांत उन अंडो से नए जीव का आगमन होने तक का कार्य अति दक्षता से पार करने का ज्ञान रखता है, तथा पंछी अपने बच्चों की उड़ान भरने तक के सफर की नियमावली को अति नाजुकता से सफल बनाकर उन्हें अपनी जीवन चर्या जीने के लिए मजबूत बनाते है।      प्राणीजीव अपनी संतति की रक्षा कैसे करे यह सीखने या सिखाने किसी अन्य सलाहकार से सलाह नही लेते हैं, कहीं- कहीं नर-माद अपने वंश के पालन में इस तरह आपस में सहयोगी बनते हैं कि उनके प्रयासों के समक्ष मनुष्य का...